The Mysterious Bell911 / 50

The Mysterious Bell – Chapter 911

7 min read November 5, 2026

"और एक हफ़्ते के अंदर मेरा नाम कट गया।" उसने अपने पन्ने की तरफ़ इशारा किया। "सुबह आई, तो मेरी जगह कोई और खड़ी थी। मुझे बोला गया कि स्थानांतरण का आर्डर आ गया है। मैंने कहा — कहाँ का? तो कोई जवाब नहीं आया। मुझे एक काग़ज़ थमा दिया गया, जिस पर एक मोहर थी और नीचे कोई हस्ताक्षर नहीं थे।"

"आपने यह किसी को दिखाया?"

"मैंने दो जगहों पर दिखाया। एक जगह मुझे बोला गया कि यह अस्पताल का मामला है, बाहर का नहीं। दूसरी जगह मुझे बोला गया कि ड्यूटी की रजिस्टर में गड़बड़ी है, और गड़बड़ी करने वाली अकेली औरत यहाँ मैं हूँ।"

"और उसके बाद?"

"उसके बाद मैंने सीख लिया कि चुप रहना कितना आसान होता है।" उसने रजिस्टर बंद किया। "मैंने दो साल बाद एक दूसरे शहर के दवाखाने में काम लिया। किसी ने मेरा कोई काग़ज़ नहीं माँगा। मैंने खुद किसी को कुछ नहीं बताया। और यही सबसे बड़ी सज़ा थी — कि मुझे सज़ा देने वाले को मैं कभी नाम से नहीं जान पाई।"

अब डॉक्टर इसरानी ने अपना सिर उठाया।

"मैं जानता हूँ," उन्होंने कहा। "मैं तुम्हें नाम से जानता हूँ।"

रेहाना ने उनकी तरफ़ देखा।

"तो बताइए," उसने कहा। "कौन था?"

डॉक्टर इसरानी ने गहरी साँस ली।

"उस वक़्त मैं नया था," उन्होंने कहा। "मैंने यह अस्पताल अपने दम पर नहीं खोला था। मैं इसे उस काग़ज़ के दम पर चला रहा था जो मुझसे पहले बना था। जो लोग उसे बना रहे थे, वो मुझसे बड़े थे, मुझसे अमीर थे, और मुझसे ज़्यादा जानते थे। जब मैंने उस पेंसिल वाली लाइन को देखा, तो मैंने उसे मिटाने की कोशिश की। पर तब तक उसकी कॉपी तीन जगह पहुँच चुकी थी।"

"और उसके बाद?" मैंने पूछा।

"उसके बाद एक आदमी मेरे पास आया," उन्होंने कहा। "वो मेरे कमरे में बैठा, चाय पी, और बोला कि मेरी बीवी का इलाज इसी अस्पताल में चल रहा है। और अगर मैं इस काग़ज़ को भूल जाऊँ, तो मेरी बीवी का इलाज कभी नहीं रुकेगा।"

गलियारे में सन्नाटा और गहरा हो गया।

"तो आप भूल गए?" मैंने पूछा।

"मैं भूल नहीं गया," उन्होंने कहा। "मैंने भूलने का नाटक किया। और वो नाटक मैं इतना अच्छा कर गया कि आज तक कोई नहीं पकड़ पाया।"

रेहाना ने अपना रजिस्टर छाती से लगाया।

"और मुझे बचाने के लिए," उसने कहा, "आपने मेरा नाम काट दिया।"

डॉक्टर इसरानी ने उसकी तरफ़ देखा।

"हाँ," उन्होंने कहा। "मैंने तुम्हारा नाम काटा। तुम्हें नौकरी से निकालने का काग़ज़ मैंने खुद लिखा। और उसमें स्थानांतरण शब्द मैंने डाला, क्योंकि निष्कासन लिखता तो तुम लड़ती, और लड़ती तो तुम्हें वो लोग हटा देते।"

रेहाना कुछ देर चुप रही।

फिर उसने रजिस्टर खोला।

फिर उसने अपनी उँगली उस पन्ने पर रखी जहाँ उसका नाम काटा हुआ था।

फिर उसने डॉक्टर की तरफ़ देखा।

"तो मुझे यह बताइए," उसने कहा। "जो मुझे बचाता है, वो मुझे झूठ क्यों बोलवाता है? मैं पंद्रह साल अपने घर में यह सोचती रही कि मुझसे कोई ग़लती हुई। मैंने अपनी बेटी को यह बताया कि मैंने काम में लापरवाही की थी। मेरी बेटी आज भी यही सोचती है। उसने मुझसे पूछा था — अम्मी, आपने क्या किया था? और मैं चुप रह गई थी। आप बताइए — वो चुप्पी किसने ली थी?"

डॉक्टर इसरानी ने कुछ नहीं कहा।

उन्होंने चश्मा उतारा।

पोंछा।

और उसे वापस पहना।

"मुझे लगा था," उन्होंने धीरे से कहा, "कि चुप रहकर मैं तुम्हें, इस अस्पताल को, और अपनी बीवी को बचा रहा हूँ।"

"और आपने किसे बचाया?" रेहाना ने पूछा।

उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

काजल ने मेरी आस्तीन पकड़ी।

"भइया," उसने फुसफुसाया। "यह वही रजिस्टर है न? जिसकी बात हम पिछले हफ़्ते कर रहे थे — पुराना हिसाब, कटे पन्ने, वो सब?"

मैंने उसकी तरफ़ देखा।

"नहीं," मैंने कहा। "यह दूसरी है।"

"मतलब?"

"मतलब यह कि कटे पन्ने एक नहीं थे।" मैंने रेहाना की तरफ़ देखा। "आपा, यह रजिस्टर आपको कब मिली थी?"

"आज सुबह," उसने कहा।

"आज सुबह?"

"मैंने यह तीन दिन पहले माँगी थी। एक दोस्त के ज़रिए। हमें बताया गया कि यह किसी पुराने कमरे में पड़ी है और सिर्फ़ बारह बजे से एक बजे तक उस कमरे का ताला खुलता है, क्योंकि एक कर्मचारी उस वक़्त वहाँ सफ़ाई करवाता है।"

"और आज?" मैंने पूछा।

"आज मुझे यह दफ़्तार की बेंच पर मिली।" उसने रजिस्टर के किनारे की तरफ़ इशारा किया। "और यह देखो — इसके पन्नों पर धूल नहीं है। मोटे हिस्से में है, किनारों पर है, पर जहाँ-जहाँ उँगली पड़ी है, वहाँ नहीं है। यानी किसी ने इसे आज ही उठाया है।"

मैंने वो किनारे देखे।

रेहाना सही कह रही थी। पन्नों पर धूल की एक पतली परत थी, पर बीच में, जहाँ रजिस्टर खुलता था, वहाँ दो जगह धूल टूटी हुई थी — जैसे किसी ने अँगूठे से दबाकर पन्ने पलटे हों।

"किसके पास यह रजिस्टर आज सुबह थी?" मैंने पूछा।

"मुझे यह उसी दोस्त ने दी," रेहाना ने कहा। "और उसने बताया कि यह उसे दफ़्तार के बाहर वाली बेंच पर मिली थी। जिस पर किसी का नाम नहीं लिखा था। और उसके ऊपर एक चिट्ठी भी रखी थी।"

"क्या लिखा था उस चिट्ठी में?"

रेहाना ने अपने फटे बैग से एक छोटा काग़ज़ निकाला और मेरी तरफ़ बढ़ाया।

काग़ज़ पर एक ही लाइन थी, नीली स्याही में, और वो लाइन चार शब्दों की थी।

"जिसे भुला दिया गया, वो याद करे।"

मैंने काग़ज़ मीरा की तरफ़ बढ़ाया। मीरा ने उसे पढ़ा, फिर कुछ देर उसे देखती रही, फिर उसने अपना कैमरा नीचे रख दिया।

"अंकुश," उसने धीरे से कहा। "यह लिखाई मुझे कहीं देखी हुई लग रही है।"

"कहाँ?"

"पता नहीं। पर यह नई नहीं है। इस स्याही की चमक देख — यह पुरानी स्याही है, जो बाद में पानी से फैली है। यानी यह काग़ज़ नया नहीं है। यह पुराना है, और इसे किसी ने संभालकर रखा था।"

उसने काग़ज़ को पलटा।

पीछे की तरफ़ कुछ नहीं था — सिर्फ़ एक धुँधला गोल निशान, जैसे किसी मोहर का निशान हो जो सालों में मिट गया हो।

मीरा ने उसे अपनी आँखों के पास उठाया।

"यह मोहर है," उसने कहा। "पर पढ़ी नहीं जा रही।"

"मुझे दो," मैंने कहा।

मैंने वो काग़ज़ हाथ में लिया और अपनी जेब से सहमति पत्र की सफ़ेद नक़ल निकाली। मैंने दोनों को साथ रखकर देखा।

मोहर का निशान मिल रहा था।

उसी जगह पर, उसी आकार में, उसी घुमाव पर।

"डॉक्टर साहब," मैंने कहा और वो काग़ज़ उनकी तरफ़ बढ़ाया। "यह मोहर आपकी है?"

उन्होंने काग़ज़ लिया और उसे देखा।

उनका हाथ अचानक रुक गया, ठीक वैसे ही जैसे सुबह रेहाना को देखकर रुका था।

"यह अस्पताल की पुरानी मोहर है," उन्होंने कहा। "यह उस वक़्त बनी थी जब मेरे पास अपनी मोहर नहीं थी। पर यह मोहर किसी के पास नहीं रहनी चाहिए थी। यह अस्पताल के रिकॉर्ड वाले कमरे में रहती थी।"

"और अब?"

"अब यह उस कमरे में नहीं है।"

रेहाना ने अचानक कहा, "वो कमरा।"

डॉक्टर इसरानी ने उसकी तरफ़ देखा।

"जिस कमरे में रजिस्टर पड़ी थी?" रेहाना ने पूछा। "वो कमरा जिसका ताला दिन में सिर्फ़ एक घंटे खुलता है?"

डॉक्टर इसरानी ने सिर हिलाया।

"उस कमरे का ताला," उन्होंने कहा, "दो साल पहले बदल गया था। और नई चाबी मेरे पास नहीं है।"

मैंने गहरी साँस ली।

गलियारे में हवा का एक झोंका आया, दवा की खिड़की का पुराना बल्ब हिला और उसकी रोशनी एक पल के लिए तिरछी हो गई।

काजल ने छोटी आवाज़ में कहा, "भइया, मेरी एक बात पूछनी है।"

"पूछ।"

"रेहाना आपा के पन्ने से जिसने नाम काटा, वो काग़ज़ किसी दफ़्तार में जमा हुआ होगा न? कोई रिकॉर्ड होगा?"

रेहाना ने कहा, "नहीं।"

काजल ने उसकी तरफ़ देखा।

"नहीं?"

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