सामने ख़ाली पन्ना, टिमटिमाता कर्सर, और दिमाग़ में बस सन्नाटा। हर लेखक कभी न कभी इस हालत से गुज़रता है जिसे Writer’s Block कहते हैं। अच्छी बात यह है कि यह हमेशा के लिए नहीं रहता — और इससे निकलने के आसान तरीके हैं।
एक लाइन में: Writer’s block अक्सर “लिखना नहीं आता” नहीं, बल्कि “परफ़ेक्ट लिखने का डर” होता है।
Writer’s Block क्यों होता है?
- परफ़ेक्शन का दबाव: हर वाक्य सबसे अच्छा होना चाहिए।
- कहानी में उलझन: आगे क्या होगा, पता नहीं।
- थकान: लगातार लिखने से दिमाग़ थक जाता है।
- आलोचना का डर: “पाठकों को पसंद नहीं आया तो?”
9 व्यावहारिक तरीके
1. ख़राब लिखने की इजाज़त दें
पहला ड्राफ़्ट ख़राब हो सकता है — और यह बिल्कुल ठीक है। सुधार बाद में होगा।
2. फ़्रीराइटिंग
10 मिनट का टाइमर लगाएँ और बिना रुके कुछ भी लिखें — कहानी से जुड़ा या नहीं।
3. कोई और सीन लिखें
जिस सीन पर अटके हैं, उसे छोड़कर कोई ऐसा सीन लिखें जिसे लिखने का मन हो।
4. किरदार से बात करें
अपने किरदार से सवाल पूछें — “तुम अब क्या करोगे?” — और उसकी तरफ़ से जवाब लिखें।
5. रूपरेखा देखें
शायद समस्या कहानी की दिशा में है। आगे के 3 चैप्टर की मोटी रूपरेखा बनाएँ।
6. जगह बदलें
किसी नई जगह — बालकनी, कैफ़े, पार्क — में लिखकर देखें।
7. पढ़ें या सुनें
किसी और की अच्छी कहानी पढ़ना प्रेरणा जगा सकता है। देखें: दोबारा पढ़ने के फ़ायदे।
8. टहलें
चलना, नहाना या कोई साधारण काम — कई बार सबसे अच्छे आइडिया ऐसे ही आते हैं।
9. “क्या हो अगर?” खेल
अपनी कहानी के लिए 10 अजीब “क्या हो अगर…” सवाल लिखें। एक न एक नया रास्ता खोल देगा।
लंबे समय का बचाव
- नियमित लिखने की आदत बनाएँ। देखें: वेब नॉवेल नियमित लिखना।
- आइडिया की नोटबुक रखें — जब भी कुछ सूझे, लिख लें।
- आराम को भी लेखन का हिस्सा मानें।
कहाँ से शुरू करें
कहानी लिखना कैसे शुरू करें भी पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Writer’s block कितने दिन रहता है?
यह कुछ घंटों से कुछ हफ़्तों तक रह सकता है। छोटे क़दम और धैर्य से यह ज़्यादातर अपने-आप दूर हो जाता है।
क्या बड़े लेखकों को भी writer’s block होता है?
हाँ, लगभग हर लेखक ने कभी न कभी इसका सामना किया है।









